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आँख की एलर्जी: कारण, लक्षण, घरेलू उपाय और इलाज

एलर्जीडॉ. स्वाति गोयल · 18 फ़रवरी 2025 · 7 मिनट

हमारी आँख के ऊपर एक पारदर्शी झिल्ली होती है, जिसे कंजंक्टाइवा कहते हैं। किसी भी चीज़ से एलर्जी होने पर इसमें सूजन और लाली आ जाती है — इसी को एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस कहते हैं।

यह काफ़ी आम है — वीडियो में साझा किए गए आँकड़े के अनुसार आबादी के करीब 40 प्रतिशत हिस्से में यह समस्या पाई गई है।

दो तरह से आती है

  • एक्यूट या सीज़नल — अचानक शुरू होती है, आमतौर पर मौसम बदलने पर।
  • पेरेनियल या क्रॉनिक — साल भर बनी रहती है।

असल में हो क्या रहा है

जैसे बैक्टीरिया या वायरस संक्रमण करते हैं, वैसे ही हमारे शरीर का इम्यून सिस्टम कुछ आम चीज़ों को ही दुश्मन समझ लेता है और इम्यून रिस्पॉन्स पैदा करता है। इसमें हिस्टामिन नाम का एक केमिकल बनता है, जो आँख में लाली, पानी, खुजली और सूजन जैसी दिक्कतें खड़ी करता है।

किन चीज़ों से होती है

  • धूल-मिट्टी, तेज़ हवा और एसी की हवा।
  • घर में मकड़ी के जाले और फंगस या मोल्ड।
  • पालतू जानवरों के बाल, और कालीन जिसमें धूल जमा रहती है।
  • किसी भी तरह के धुएँ का सामना, प्रदूषण, और पास में फ़ैक्टरी होने पर उसकी धूल।
  • मौसम बदलने पर कुछ ख़ास पौधों और फूलों के परागकण, जो हवा में आकर आँख तक पहुँचते हैं।

आमतौर पर यह खाँसी, नज़ला और ज़ुकाम के साथ चलती है — छींकें भी आ सकती हैं।

घरेलू उपाय

सबसे पहली बात — आँख को रगड़ें या मलें नहीं। कुछ देर के लिए अच्छा लगेगा, लेकिन इससे सूजन और लाली बढ़ती है। और आँख में पानी के छींटे बार-बार न मारें, इससे सूखापन और एलर्जी के लक्षण दोनों बढ़ते हैं।

  • ठंडी पट्टी: तौलिये को ठंडे पानी में भिगोकर निचोड़ लें और बंद आँख पर रखें। सूजन कम होगी और आँख नम रहेगी।
  • खीरा: फ़्रिज में ठंडा करके पतली स्लाइस काटें और बंद आँख पर रखें। सूजन, खुजली और पानी आने में राहत मिलती है।
  • जिस चीज़ से एलर्जी है उसे पहचानकर उससे दूरी रखें। घर में साफ़-सफ़ाई रखें, और ह्यूमिडिफ़ायर का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • बाहर निकलते या बाइक चलाते समय हेलमेट और चश्मा पहनें, ताकि सामने से धूल और तेज़ हवा सीधे आँख में न लगे।

डॉक्टर क्या देंगे

अगर ये सब सावधानियाँ बरतने के बाद भी खुजली, जलन, लाली और पानी आना बना रहे, तो नेत्र विशेषज्ञ को दिखाएँ। वे लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स देंगे, जो आँख को नम रखती हैं और एलर्जी से बने टॉक्सिन को धो देती हैं। साथ में हिस्टामिन के असर को कम करने के लिए एंटी-एलर्जिक ड्रॉप्स दी जाती हैं — ये स्टेरॉइड और नॉन-स्टेरॉइड, दोनों तरह की होती हैं।

एक और रूप: एलर्जिक ब्लेफ़राइटिस

जैसे सिर के बालों में रूसी होती है, वैसे ही डैंड्रफ़ जैसा पदार्थ पलक के बालों यानी आईलैश में जमा हो जाता है और आँख के अंदर एलर्जी पैदा करता है। इसका इलाज नेत्र विशेषज्ञ से ही कराना होगा।

आँख में इस तरह की लाली, खुजली, पानी आना या सूजन हो तो इसे नज़रअंदाज़ न करें।

यह लेख सामान्य जानकारी है। अपनी आँखों के लिए डॉक्टर से मिलें।

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