
मोनोफ़ोकल
₹एक दूरी पर साफ़ नज़र देता है — अक्सर दूर की। पास के काम के लिए पढ़ने का चश्मा लगता है।
मोतियाबिंद के ऑपरेशन में धुंधले लेंस की जगह एक साफ़ कृत्रिम लेंस (IOL) लगाया जाता है, जो उम्र भर रहता है। लेंस कई तरह के होते हैं। यह गाइड बताती है कि हर लेंस क्या करता है, ताकि आप डॉ. स्वाति के साथ तय कर सकें कि आपकी आँख, काम और बजट के लिए क्या ठीक है।

कृत्रिम लेंस लगभग 6 मिमी का एक छोटा साफ़ लेंस है, जिसकी दो पतली भुजाएँ उसे अपनी जगह पर रखती हैं। इसे मोड़कर उसी छोटे छेद से लगाया जाता है जिससे मोतिया निकाला जाता है, और यह आँख के अंदर खुल जाता है। यह महसूस नहीं होता और बदलना नहीं पड़ता।
इस पेज की तस्वीरें चित्र हैं, जो हर लेंस की बनावट दिखाने के लिए बनाए गए हैं।

एक दूरी पर साफ़ नज़र देता है — अक्सर दूर की। पास के काम के लिए पढ़ने का चश्मा लगता है।

मोनोफ़ोकल लेंस जो एस्टिग्मैटिज़्म भी ठीक करता है — चश्मे का "सिलिंड्रिकल" नंबर। ऑपरेशन में लेंस पर बने छोटे निशान आँख के हिसाब से सीधे किए जाते हैं।

लेंस पर बने छल्ले रोशनी को दूर, बीच (कंप्यूटर) और पास के लिए बाँटते हैं। ज़्यादातर लोग रोज़ के ज़्यादातर काम बिना चश्मे के करते हैं।

साफ़ नज़र को दूर से बीच की दूरी तक बढ़ाता है — गाड़ी का डैशबोर्ड, कंप्यूटर, खाना बनाना।
| ऑपरेशन के बाद | मोनोफ़ोकल | टॉरिक | मल्टीफ़ोकल / ट्राइफ़ोकल | EDOF |
|---|---|---|---|---|
| दूर (गाड़ी, टीवी) | ●●● | ●●● | ●●● | ●●● |
| बीच (कंप्यूटर, खाना बनाना) | ● | ● | ●●● | ●●● |
| पास (पढ़ना, फ़ोन) | – | – | ●●● | ●● |
| एस्टिग्मैटिज़्म ठीक | – | ✓ | टॉरिक में | टॉरिक में |
| रात में घेरे | सबसे कम | सबसे कम | ज़्यादा संभव | कुछ |
| लगभग ख़र्च | ₹ | ₹₹ | ₹₹₹ | ₹₹–₹₹₹ |
●●● ज़्यादातर लोगों को बिना चश्मे साफ़ · ● चश्मा लग सकता है · – चश्मा लगेगा। नतीजे हर आँख में अलग होते हैं।
डॉ. स्वाति भारतीय और इम्पोर्टेड, दोनों तरह के लेंस इस्तेमाल करती हैं। सभी लेंस भारत में इस्तेमाल के लिए मंज़ूर हैं, और सभी स्थायी हैं। आपकी आँख के लिए कौन से लेंस उपलब्ध हैं, वे जाँच के समय बताएँगी।
आजकल ज़्यादातर लेंस नरम, मुड़ने वाले एक्रिलिक के होते हैं। हाइड्रोफ़ोबिक एक्रिलिक पानी को दूर रखता है; हाइड्रोफ़िलिक एक्रिलिक में कुछ पानी रहता है और यह ज़्यादा नरम होता है। ये आँख में खुलने के तरीके में, और सालों बाद लेंस के पीछे की झिल्ली के धुंधला होने की संभावना में अलग होते हैं। आपको बताए गए लेंस का मटीरियल डॉ. स्वाति समझा सकती हैं।
सही लेंस आपकी आँख के नाप, दूसरी बीमारियों, आँखों के इस्तेमाल और बजट पर निर्भर है। जाँच और बायोमेट्री के बाद डॉ. स्वाति आपके साथ विकल्पों पर बात करेंगी।
अपॉइंटमेंट बुक करें, या WhatsApp पर पूछें। सोम–शनि, सुबह 9:30 – शाम 7।