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कॉर्निया (पुतली) · Cornea

कॉर्निया आँख की सामने की साफ़ खिड़की है। इसके संक्रमण और चोट में जल्दी इलाज चाहिए; केराटोकोनस जैसी आकार की समस्या में नियमित जाँच।

यह क्या है

सामने की साफ़ खिड़की

कॉर्निया आँख के रंगीन हिस्से को ढकती है। यही रोशनी अंदर आने देती है और ज़्यादातर फ़ोकस करती है, इसलिए छोटा सा दाग़ या आकार में बदलाव भी नज़र धुंधली कर सकता है।

इसमें ख़ून की नसें नहीं होतीं और यह धीरे भरती है, इसलिए संक्रमण का इलाज जल्दी और सही होना चाहिए — बची हुई या दुकान से ली स्टेरॉयड ड्रॉप से कभी नहीं।

आम समस्याएँ

जो सबसे ज़्यादा देखते हैं

संक्रमण और घाव

बैक्टीरिया, फ़ंगस या वायरस, अक्सर पत्ते, फ़सल या धूल से खरोंच के बाद।

चोट

खरोंच, आँख में कुछ जाना और केमिकल के छींटे।

केराटोकोनस

पुतली पतली होकर शंकु जैसी उभर आती है, अक्सर युवाओं में; चश्मे का नंबर बार-बार बदलता है।

नाख़ूना (टेरिजियम)

आँख के सफ़ेद हिस्से से पुतली पर बढ़ता मांस, धूप और धूल से जुड़ा।

आँखों का सूखापन

आँसू की परत ठीक न होने से जलन, किरकिरापन और पानी आना।

चेतावनी के संकेत

दर्द, लाली और धुंधलापन

दर्द वाली लाल आँख और धुंधली नज़र एक-दो दिन में ठीक न हो तो इसे "बस आई फ़्लू" न समझें। केराटोकोनस में चश्मे का नंबर बार-बार बदलता है।

उसी दिन आएँ अगर:

केमिकल गिरा हो (पहले 15 मिनट साफ़ पानी से आँख धोएँ), चोट लगी हो, पुतली पर सफ़ेद धब्बा हो, या दर्द के साथ धुंधला दिखे। डॉक्टर को दिखाए बिना कोई ड्रॉप न डालें।

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जाँच

पुतली की जाँच कैसे होती है

स्लिट लैंप जाँच

बड़ा करके पुतली की बिना दर्द जाँच, कभी-कभी हल्के पीले रंग की ड्रॉप के साथ।

कॉर्नियल टोपोग्राफ़ी

पुतली के आकार का नक्शा — केराटोकोनस की मुख्य जाँच।

संक्रमण की जाँच

घाव में छोटा सा सैंपल बताता है कि कौन सा कीटाणु है, ताकि सही ड्रॉप दी जाए।

इलाज

इलाज कारण पर निर्भर करता है

सही ड्रॉप

एंटीबायोटिक, एंटीफ़ंगल या एंटीवायरल ड्रॉप, शुरू में अक्सर हर घंटे।

केराटोकोनस के लिए लेंस

ख़ास सख़्त कॉन्टैक्ट लेंस अक्सर तब साफ़ नज़र देते हैं जब चश्मा नहीं दे पाता।

ज़रूरत पर ऑपरेशन

जैसे नाख़ूना बीच की ओर बढ़े तो उसे निकालना।

आपकी आँख के लिए विकल्प डॉ. स्वाति जाँच के समय समझाती हैं, और ट्रांसप्लांट या क्रॉस-लिंकिंग ज़रूरी हो तो कॉर्निया सर्जन के पास भेजती हैं।

सवाल-जवाब

मरीज़ हमसे जो पूछते हैं

लाल आँख में बची हुई ड्रॉप डाल सकते हैं?

नहीं। स्टेरॉयड ड्रॉप से पुतली का संक्रमण बहुत बिगड़ सकता है। पहले डॉक्टर को दिखाएँ।

आँख में कुछ गिर गया। क्या मलें?

मलें नहीं। पलकें झपकाएँ और साफ़ पानी से धोएँ; फिर भी दर्द हो तो उसी दिन आएँ।

चश्मे का नंबर बार-बार बदलता है। क्यों?

यह केराटोकोनस हो सकता है, ख़ासकर युवाओं में। टोपोग्राफ़ी जाँच से पता चलता है।

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अपनी आँखों के बारे में सवाल?

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