आँख के अंदर धुंधली खिड़की
आँख के रंगीन हिस्से के पीछे एक साफ़ लेंस होता है जो रोशनी को फ़ोकस करता है। उम्र के साथ — और शुगर, स्टेरॉयड दवाओं, चोट या लंबी धूप से जल्दी — यह लेंस धुंधले काँच की तरह हो जाता है।
कोई ड्रॉप या दवा मोतियाबिंद साफ़ नहीं करती। ऑपरेशन में धुंधला लेंस निकालकर उसकी जगह एक साफ़ कृत्रिम लेंस लगाया जाता है, जो उम्र भर वहीं रहता है।
मोतियाबिंद कैसे पता चलता है
धुंधला या धुँधलाया दिखना
जैसे गंदी खिड़की से देख रहे हों, चश्मे के साथ भी।
रात में चौंध
गाड़ियों और सड़क की लाइटों से चौंध या घेरे।
फीके रंग
रंग फीके या पीले से दिखते हैं।
बार-बार बदलता चश्मा
थोड़े समय में चश्मे का नंबर बार-बार बदलता है।
पढ़ने में दिक़्क़त
छोटे अक्षर और फ़ोन पढ़ने के लिए पहले से ज़्यादा रोशनी चाहिए।
ऑपरेशन तब, जब यह रोज़ के काम में रुकावट बने
मोतिया "पकने" का इंतज़ार ज़रूरी नहीं। सही समय वह है जब पढ़ना, गाड़ी चलाना, काम या सुरक्षित चलना-फिरना मुश्किल होने लगे — और नया चश्मा पूरी मदद न करे।
मोतिया वाली आँख में दर्द या लाली, सिरदर्द के साथ रोशनी के चारों ओर रंगीन घेरे, या अचानक नज़र कम होना। बहुत पका मोतिया आँख का प्रेशर बढ़ा सकता है।
कॉल करें +91 94164 79792ऑपरेशन से पहले
आँख की पूरी जाँच
नज़र, आँख का प्रेशर, पर्दा और नस — ताकि मोतिया के पीछे कोई और बीमारी न छूटे।
बायोमेट्री
नए लेंस का नंबर तय करने के लिए आँख नापी जाती है।
शुगर, बीपी और दवाएँ
शुगर और बीपी की रिपोर्ट और दवाओं की लिस्ट लाएँ, ख़ासकर ख़ून पतला करने वाली।
बिना टाँके का फ़ेको ऑपरेशन
फ़ेकोइमल्सिफ़िकेशन
धुंधले लेंस को तोड़कर बहुत छोटे छेद से निकाला जाता है — हमारी फ़ेको मशीन पर। ज़्यादातर आँखों में टाँके नहीं।
नया लेंस
मुड़ने वाला कृत्रिम लेंस (IOL) आँख के अंदर लगाया जाता है। लेंस का प्रकार आप डॉक्टर के साथ चुनते हैं।
उसी दिन, सुन्न करके
आँख ड्रॉप या लोकल इंजेक्शन से सुन्न की जाती है। उसी दिन ड्रॉप और आसान हिदायतों के साथ घर जाते हैं।
डॉ. स्वाति 10,000 से ज़्यादा मोतियाबिंद ऑपरेशन कर चुकी हैं। आपकी आँख में क्या उम्मीद रखें, वे समझाती हैं — काला मोतिया या शुगर हो तो भी।
अपना लेंस चुननामोनोफ़ोकल, टॉरिक, मल्टीफ़ोकल और EDOF; भारतीय और इम्पोर्टेड — हर लेंस क्या करता है, तस्वीरों के साथ।लेंस गाइड पढ़ेंमरीज़ हमसे जो पूछते हैं
क्या मोतियाबिंद के ऑपरेशन में दर्द होता है?
ज़्यादातर लोगों को दर्द नहीं होता — ज़्यादा से ज़्यादा हल्का दबाव। पहले आँख सुन्न की जाती है।
क्या ड्रॉप से मोतिया घुल सकता है?
नहीं। ऑपरेशन ही इलाज है।
क्या बाद में चश्मा लगेगा?
यह लेंस पर निर्भर है। साधारण लेंस में ज़्यादातर लोगों को पढ़ने का चश्मा लगता है; कुछ लेंस से चश्मे की ज़रूरत कम होती है। लेंस गाइड देखें।
क्या मोतिया दोबारा आ सकता है?
मोतिया दोबारा नहीं आता। बाद में लेंस के पीछे की पतली झिल्ली धुंधली हो सकती है; एक छोटे लेज़र से साफ़ हो जाती है।