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काला मोतिया · Glaucoma

काला मोतिया पूरी तरह ठीक नहीं होता, लेकिन लगभग हमेशा काबू में रहता है। इस पेज पर आसान शब्दों में — यह क्या है, किसे जाँच करवानी चाहिए, और हम सालों तक इसकी देखभाल कैसे करते हैं।

यह क्या है

आँख की नस धीरे-धीरे ख़राब होती है

आँख की नस (ऑप्टिक नर्व) जो दिखता है उसे दिमाग़ तक पहुँचाती है। काले मोतिया में, अक्सर आँख का प्रेशर उस आँख के लिए ज़्यादा होने से, यह नस थोड़ा-थोड़ा करके ख़राब होती है। पहले किनारे की नज़र जाती है, इसलिए ज़्यादातर लोगों को तब पता चलता है जब काफ़ी नज़र जा चुकी होती है।

स्वस्थ आँखपूरी नज़र
शुरुआती काला मोतियाकिनारे धुंधले — अक्सर पता नहीं चलता
बढ़ा हुआ काला मोतियाबस बीच का हिस्सा बचता है
चित्र: किनारे की नज़र कैसे घटती है। गई नज़र वापस नहीं आती, इसलिए समय पर जाँच ज़रूरी है।
किसे जाँच करवानी चाहिए

किसे ख़तरा ज़्यादा है

40 साल या ज़्यादाउम्र के साथ ख़तरा बढ़ता है। हर 1–2 साल में जाँच।
परिवार में किसी कोमाता-पिता, भाई या बहन को काला मोतिया।
शुगर (डायबिटीज़)पर्दे की जाँच के साथ नस की जाँच भी करवाएँ।
चश्मे का ज़्यादा नंबरज़्यादा माइनस या प्लस नंबर।
स्टेरॉयड का इस्तेमाललंबे समय तक स्टेरॉयड की ड्रॉप, गोली, इनहेलर या क्रीम।
शुरुआती लक्षण

ज़्यादातर कोई लक्षण नहीं होता

आम तरह के काले मोतिया में देर तक न दर्द होता है, न लाली, न धुंधलापन। जाँच से ही पता चलता है। कुछ लोगों को एक तरफ़ चीज़ों से टकराना या पढ़ने के लिए ज़्यादा रोशनी की ज़रूरत महसूस होती है।

इनमें से कुछ हो तो उसी दिन आएँ:

आँख में अचानक तेज़ दर्द, लाल आँख, धुंधला दिखना और रोशनी के चारों ओर रंगीन घेरे, सिरदर्द और उल्टी। यह काले मोतिया का अचानक हमला हो सकता है।

कॉल करें +91 94164 79792
जाँच

तीन जाँचें, कोई दर्द नहीं

आँख का प्रेशर

सुन्न करने वाली ड्रॉप, फिर हल्की सी जाँच। एक मिनट लगता है। हर बार होती है।

नस का OCT स्कैन

नस का OCT स्कैन

ह्यूविट्ज़ OCT मशीन में एक रोशनी को देखना होता है, मशीन नस की परतों की जाँच करती है। आँख को कुछ नहीं छूता।

विज़ुअल फ़ील्ड टेस्ट

विज़ुअल फ़ील्ड टेस्ट

AVA मशीन पर हर बार छोटी रोशनी दिखने पर बटन दबाना होता है। एक आँख में लगभग 10 मिनट।

इलाज

प्रेशर कम करने के तीन तरीके

ज़्यादातर यहीं से शुरुआत

आँख की ड्रॉप

रोज़ एक से तीन ड्रॉप। ये तभी काम करती हैं जब रोज़ डाली जाएँ।

लेज़र

आँख के पानी की निकासी में मदद करता है, या संकरे कोण वाली आँखों में अचानक हमले से बचाता है। मशीन के सामने बैठकर होता है।

ऑपरेशन

जब ड्रॉप और लेज़र काफ़ी न हों, तो पानी निकलने का नया रास्ता बनाया जाता है।

कौन सा इलाज सही है, यह काले मोतिया की क़िस्म और उसकी स्थिति पर निर्भर करता है। डॉ. स्वाति जाँच के समय सब समझाती हैं।

रोज़ की देखभाल

रोज़ की आदत से रोशनी बची रहती है

ड्रॉप डालने का तरीका

  1. 1रोज़ एक ही समय पर — चाय या खाने के साथ जोड़ लें।
  2. 2ड्रॉप के बाद 2 मिनट आँख बंद रखें।
  3. 3दो अलग ड्रॉप हों तो बीच में 5 मिनट रुकें।
  4. 4शीशी ख़त्म होने से पहले नई ले आएँ।

अगली जाँचें

  • आँख का प्रेशरहर 3–6 महीने
  • OCT स्कैनलगभग साल में एक बार
  • विज़ुअल फ़ील्डलगभग साल में एक बार

सही अंतराल डॉक्टर तय करती हैं। हर जाँच से पहले हम WhatsApp पर याद दिलाते हैं, और आपकी रिपोर्ट "मेरी रिपोर्ट" में रहती हैं।

बच्चे

बच्चों में काला मोतिया

यह बहुत कम होता है, और जन्म से भी हो सकता है। बच्चे में ये दिखे तो जल्दी दिखाएँ:

  • आँखें असामान्य रूप से बड़ी दिखना
  • आँख धुंधली या धुएँ जैसी दिखना
  • लगातार पानी आना
  • रोशनी से बहुत परेशानी

बच्चों के काले मोतिया में इलाज जल्दी चाहिए, इसलिए देर न करें।

सवाल-जवाब

मरीज़ हमसे जो पूछते हैं

क्या काला मोतिया ठीक हो सकता है?

पूरी तरह ठीक नहीं होता, लेकिन लगभग हमेशा काबू में रखा जा सकता है। इलाज का मक़सद है कि बची हुई नज़र उम्र भर बनी रहे।

क्या ड्रॉप ज़िंदगी भर डालनी होगी?

अक्सर हाँ। कुछ लोगों में लेज़र या ऑपरेशन के बाद ड्रॉप कम हो जाती हैं। अपने आप ड्रॉप कभी बंद न करें।

क्या आँख के प्रेशर की जाँच में दर्द होता है?

नहीं। पहले सुन्न करने वाली ड्रॉप डाली जाती है। हल्का सा छूना महसूस हो सकता है, बस।

क्या मोतियाबिंद और काला मोतिया एक ही है?

नहीं। मोतियाबिंद (सफ़ेद मोतिया) में लेंस धुंधला होता है और ऑपरेशन से नज़र लौट आती है। काला मोतिया में नस ख़राब होती है और गई नज़र वापस नहीं आती।

मैं दूर रहता/रहती हूँ। कितनी बार आना होगा?

स्थिर होने के बाद आमतौर पर हर 3 से 6 महीने में। हम कोशिश करते हैं कि ज़रूरी जाँचें एक ही बार आने में हो जाएँ।

काला मोतिया की जाँच बुक करें

प्रेशर, नस की जाँच और सलाह एक ही बार में। पुरानी रिपोर्ट और अपनी ड्रॉप साथ लाएँ।