आई फ़्लू बहुत आम है, खास तौर पर जब मौसम बदलता है। आँख एक बहुत संवेदनशील अंग है, इसलिए बचाव की शुरुआत सबसे सीधी बात से होती है — हाथ आँख तक न जाए।
बचाव
- किसी भी सूरत में आँख को न रगड़ें।
- आँख में बार-बार पानी के छींटे न मारें।
- घर में किसी को आई फ़्लू है तो कुछ समय उसके संपर्क से बचें — और घर के छोटे बच्चों को उनसे थोड़ा दूर रखें।
लक्षण दिखें तो क्या करें
जैसे ही आँख में लाली, खुजली, पानी या चिपचिपापन दिखे — निकटतम नेत्र विशेषज्ञ को दिखाएँ।
घरेलू उपचार और केमिस्ट से सीधे दवा लेना टालें। कई बार ऐसी दवा दे दी जाती है जिसमें स्टेरॉइड होता है, और वह संक्रमण को भड़का देती है — फिर आई फ़्लू लंबे समय तक काबू में नहीं आता।
एक और बात जो उलझन पैदा करती है
मौसम बदलने पर एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस नाम की एक और समस्या भी सामने आती है, और आँख में लगभग वही लक्षण बनाती है। यहीं नेत्र विशेषज्ञ की अहम भूमिका है — यह पहचानना कि दिक्कत एलर्जी के कारण है या संक्रमण के कारण, क्योंकि दोनों का इलाज अलग है।
आँख में कोई भी दिक्कत हो तो सलाह एक ही है — अपने नेत्र विशेषज्ञ की सलाह से दवा डालें और उनका बताया इलाज पूरा करें।
यह लेख सामान्य जानकारी है। अपनी आँखों के लिए डॉक्टर से मिलें।