गर्मी में सूरज की तेज़ रोशनी असुविधा देती है और त्वचा को नुकसान पहुँचाती है — यह तो हम जानते हैं। लेकिन यह आँख के हर हिस्से को भी प्रभावित करती है।
वीडियो में साझा किए गए विश्व स्वास्थ्य संगठन के आँकड़े के अनुसार, लगभग 20 प्रतिशत सफ़ेद मोतिया यूवी किरणों के सामने आने से जुड़ा है। यूवी किरणें फ़ोटोकेराटाइटिस और मैक्युलर डिजनरेशन का, तथा पर्दे के कमज़ोर होने का जोखिम भी बढ़ाती हैं।
अच्छे धूप के चश्मे में निवेश करें
ऐसे चश्मे लें जो 100 प्रतिशत यूवी प्रोटेक्शन दें। रैप-अराउंड स्टाइल का फ़्रेम बेहतर रहता है, क्योंकि वह किनारों से भी बचाव देता है।
बाकी बुनियादी बातें
- भरपूर पानी पिएँ — तीन से चार लीटर। इससे आँखों को सूखापन से बचाने में मदद मिलती है।
- संतुलित आहार लें। ओमेगा-3 से भरपूर चीज़ें, और विटामिन ए, सी, ई तथा ज़िंक — ये पर्दे की सेहत सुधारने में मददगार हैं।
- रात की नींद पूरी लें — सात से नौ घंटे। आँख और दिमाग को जो आराम इससे मिलता है, उसका कोई विकल्प नहीं।
- पढ़ते या स्क्रीन इस्तेमाल करते समय प्राकृतिक रोशनी को प्राथमिकता दें, और बीच-बीच में ब्रेक लें।
- धूम्रपान से बचें — सक्रिय हो या निष्क्रिय। धुआँ आँख में सूखापन बढ़ाता है, और गर्मी में हवा पहले से ही सूखी होती है।
अपने जोखिम को जानें
अगर आपको पहले से आँख में सूखापन है, पहले कोई सर्जरी हुई है, काले मोतिया की दवा चल रही है, या ज़ुकाम की कोई ऐसी दवा ले रहे हैं जो आँख सुखा सकती है — तो इस मौसम में आपको खास ध्यान रखना होगा।
स्विमिंग
गर्मियों का सबसे लोकप्रिय खेल है तैराकी। पानी को जर्म-फ़्री रखने के लिए उसमें क्लोरीन मिलाया जाता है, लेकिन क्लोरीन आँख की सुरक्षा करने वाली एपिथीलियल कोशिकाओं को नुकसान पहुँचा सकता है। इसका हल आसान है — अच्छी क्वालिटी के स्विमिंग गॉगल्स पहनें।
इतनी सावधानी के बाद भी अगर आँख में असुविधा, भारीपन या जलन रहे, तो प्रिज़र्वेटिव-फ़्री लुब्रिकेटिंग ड्रॉप्स बिना पर्चे के उपलब्ध हैं। और अगर लाली, खुजली या भारीपन बना रहे, तो अपने निकटतम नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क कीजिए।
यह लेख सामान्य जानकारी है। अपनी आँखों के लिए डॉक्टर से मिलें।