टेरीजियम एक ग्रीक शब्द है जिसका मतलब है पंख। आँख के सफ़ेद हिस्से के ऊपर जो झिल्ली होती है — कंजंक्टाइवा — उसकी अतिरिक्त बढ़त को नखुना कहते हैं। यह सफ़ेद हिस्से से काले हिस्से की तरफ़ बढ़ता है, और आमतौर पर नाक की तरफ़ होता है।
किसे ज़्यादा खतरा है
- जो लोग धूप में ज़्यादा समय बिताते हैं।
- जिन्हें पहले से आँख का सूखापन है।
लक्षण
नखुना होने पर आँख में सूजन, लाली और किरकिरापन महसूस होता है, और निगाह में धुँधलापन आ सकता है।
जाँच
- 1फ़ोटो डॉक्यूमेंटेशन — सीरियल तस्वीरों से देखा जाता है कि नखुना अपने आकार में बदल रहा है या नहीं, और काली पुतली तक पहुँच रहा है या नहीं।
- 2विजुअल एक्विटी — निगाह की जाँच। नखुना काली पुतली पर आने लगे तो उसके कर्वेचर को प्रभावित करता है, जिससे धुँधलापन या आगे चलकर डबल विजन भी हो सकता है।
- 3कॉर्नियल टोपोग्राफ़ी — कॉर्निया की सतह का नक्शा।
इलाज
शुरुआत में नखुना को लुब्रिकेंट आई ड्रॉप्स और एंटी-एलर्जिक ड्रॉप्स से सँभाला जाता है। लेकिन अगर दवा के बावजूद लक्षणों में आराम न मिले या आकार बढ़ता रहे, तो सर्जरी के विकल्प देखे जाते हैं।
- नखुना हटाने के बाद माइटोमाइसिन सी से इलाज।
- कंजंक्टाइवल ग्राफ़्ट — मरीज़ की उसी या दूसरी आँख से झिल्ली लेकर घाव को भर दिया जाता है।
- एम्नियोटिक मेम्ब्रेन ग्राफ़्ट — प्लेसेंटा की सबसे भीतरी परत से घाव को ढक दिया जाता है।
ये तकनीकें इसलिए अपनाई जाती हैं क्योंकि नखुना दोबारा होने का जोखिम काफ़ी ऊँचा रहता है। सिर्फ़ हटा देना पर्याप्त नहीं — दोबारा न बने, इसका इंतज़ाम भी सर्जरी में ही करना होता है।
अगर आपकी आँख में नखुना है तो उससे डरने की ज़रूरत नहीं — अपने नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें और समय पर जाँच कराते रहें।
यह लेख सामान्य जानकारी है। अपनी आँखों के लिए डॉक्टर से मिलें।
