आँख के लेंस और पर्दे के बीच एक पारदर्शी जेल भरा होता है, जो शहद जितना गाढ़ा होता है — इसे विट्रियस कहते हैं। पारदर्शी होने के कारण यह निगाह में कोई अड़चन नहीं डालता।
विट्रियस कोलाजन प्रोटीन फ़ाइबर से बना है। कुछ स्थितियों में ये प्रोटीन टूटकर छोटे-छोटे टुकड़ों में बदल जाते हैं, और वही टुकड़े हमारी निगाह में परछाई डालते हैं। यही फ़्लोटर्स हैं।
ये कैसे दिखते हैं
अगर हम किसी काम में लगे हैं तो पता ही नहीं चलता कि फ़्लोटर्स हैं। लेकिन जब हम किसी सपाट पृष्ठभूमि की तरफ़ देखते हैं — जैसे सफ़ेद दीवार या आसमान — तब ये साफ़ नज़र आते हैं। ये या तो बारीक बाल जैसे होते हैं, या एक गुच्छे जैसे, या ऐसा लगता है जैसे कुछ बादल सा आ गया हो।
क्यों होते हैं
ज़्यादातर मामलों में यह बढ़ती उम्र की देन है। उम्र के साथ विट्रियस जेल तरल होना शुरू होता है और प्रोटीन फ़ाइबर बारीक कणों में टूट जाती हैं, जो परछाई डालती हैं।
बाकी मामलों में देखा गया है कि आँख में चोट लगने, डिहाइड्रेशन, मधुमेह का आँख पर असर आने, या आँख में सूजन — जैसे यूवाइटिस — होने पर भी फ़्लोटर्स की शिकायत होती है।
सबसे ज़रूरी चेतावनी: अगर फ़्लोटर्स के साथ फ़्लैशेस भी दिखें — टूटते तारे की चमक जैसी — तो यह एक इमरजेंसी है। बिना समय गँवाए अपने नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें।
जाँच क्या होती है
फ़्लोटर्स होने पर पूरे पर्दे की जाँच ज़रूरी है। नेत्र विशेषज्ञ इनडायरेक्ट ऑफ़थैल्मोस्कोपी से पूरा रेटिना देखेंगे — यह पता करने के लिए कि फ़्लोटर्स के पीछे पर्दे में कोई कमज़ोर जगह, डिजनरेशन या छेद नहीं है, जो आगे निगाह को नुकसान पहुँचा सके।
इलाज
आज की तारीख़ में फ़्लोटर्स का कोई सुरक्षित, गारंटीशुदा इलाज नहीं है। सर्जरी और लेज़र के विकल्प मौजूद हैं, लेकिन इनके नुकसान फ़ायदों से ज़्यादा हैं — इसलिए इन्हें आमतौर पर टाला जाता है।
हाल की एक शोध दिशा ब्रोमेलैन एंज़ाइम को लेकर है — जो अनानास में पाया जाता है — कि यह इन बारीक कणों को घोलने में मदद कर सकता है। कुछ अध्ययनों में तीन महीने के सेवन से थोड़ी कमी की बात कही गई है। लेकिन यह अभी शोध की प्रक्रिया में है और कोई प्रमाणित नतीजे सामने नहीं आए हैं — इसे इलाज मानकर न चलें।
क्या सावधानी रखें
- खुद को हाइड्रेटेड रखें।
- ऐसी भारी गतिविधियाँ टालें जिनमें झटका लगे — खास तौर पर जिम में वेट लिफ़्टिंग, और स्काई डाइविंग या स्कूबा डाइविंग जैसे खेल।
यह लेख सामान्य जानकारी है। अपनी आँखों के लिए डॉक्टर से मिलें।
